बड़े काम की है,सत्यानाशी जानिए इसके फायदे

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Argemone maxicana

guys आज हम आपका परिचय करवाने जा रहे हैं एक ऐसी झाड़ी से जिसे शायद आप जानते भी होंगे, लेकिन इसका इस्तेमाल शायद ही आपको पता हो। हम बात कर रहे हैं सत्यानाशी की ; जिसे– पीली-कंटीली,भड़भांड,कुटकुटारा,स्वर्णक्षिरी आदि नामों से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम—Argemone mexicana है।

यह एक कांटेदार गाड़ी है,जिसके सभी अंगों पर कांटे होते हैं। इसके पूरे शरीर पर पानी की हानि से बचाव के लिए काइटिन कि पतली परत होती है। इसके फूल पीले रंग के और फल चौकोर होता है,जिसमें कई सारे राई जैसे बीज भरे होते हैं। यह बीज अत्याधिक विषैले होते हैं। सत्यानाशी के किसी भी भाग को तोड़ने पर उस जगह से पीले रंग का दूध निकलता है,जिस कारण इसे स्वर्णक्षिरी भी कहा जाता है। हालांकि यह स्वर्णक्षिरी नहीं है।

वैसे तो यह झाड़ी मेक्सिको से आई है,लेकिन अब पूरे भारत में पाई जाती है।
यह बंजर भूमि पर भी आसानी से उग जाती है। यह सड़कों के किनारे एवं खाली पड़ी जमीन पर आसानी से मिल जाती हैं।

सत्यानाशी के फल

सत्यानाशी के उपयोग—-> सत्यानाशी का उपयोग कई रोगों के इलाज में किया जाता है। इसका उपयोग घाव भरने में, त्वचा रोगों में, कुष्ठ रोग में, दाद, खाज, खुजली में, पीलिया जैसे रोगों में किया जाता है।

●घाव भरने में —> इसके रस को किसी भी प्रकार के घाव पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं। चाहे वह घाव कितना भी पुराना क्यों ना हो। इसके साथ ही इसका पंचांग (जड़,तना, पत्ती, फल, फूल अर्थात् पौधे के सभी भागो को उबालकर पेस्ट बना लिया जाता है, इसे पंचांग कहते हैं) को भी लगाने से घाव शीघ्रता से ठीक होता है।

कुष्ठरोग में—> सत्यानाशी के दूध को कुष्ठ रोग में रोगी को लगाने से कुष्ठ रोग ठीक होता है।

दाद खाज खुजली जैसे त्वचा रोगों में—> इसका पंचांग त्वचा रोगों जैसे दाद खाज खुजली एवं एक्जिमा में लाभ देता है।

इसके तेल में विषैले तत्व होते हैं अतः इसके तेल का उपयोग केवल शरीर के बाहरी भागो पर ही करना चाहिए। साथ ही अधिक गंभीर बीमारी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

धन्यवाद!🙏

जय हिंद 🇮🇳

बड़े काम का है यह पौधा कहीं आप के आस पास तो नहीं

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एक्यूप्रेशर द्वारा आंखों का उपचार

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Guys आज के इस डिजिटल टाइम में अधिकतर लोग अपना ज्यादातर वक्त मोबाइल फोन या लैपटॉप,कंप्यूटर या टीवी पर बिताते हैं। इस कारण आंखों में कमजोरी होना एक आम बात हो गई है। इसलिए आज हम बात करने वाले हैं,की एक्यूप्रेशर के द्वारा हम आंखों से संबंधित रोगों को किस तरह से ठीक कर सकते हैं।


इससे पहले यह जान लेते हैं कि आंखों में कौन-कौन से रोग हो सकते हैं ——————–

1• दूरदृष्टि रोग(Hyperopia) —> यह रोग ज्यादा पढ़ाई लिखाई करने वाले लोगों में होता है। इस रोग में दूर की वस्तुएं तो साफ दिखाई देती है, लेकिन पास रखी चीजें धुंधली दिखाई पड़ती है।

2• निकट दृष्टि दोष(Myopia) —> इस रोग में निकट रखी चीजें तो साफ दिखाई देती हैं, लेकिन दूर की चीजें धुंधली दिखाई पड़ती है।

3• मोतियाबिंद(Glaucoma) —> यह रोग 40 से अधिक उम्र के लोगों को होता है। इस रोग में आंख का पारदर्शी लेंस धुंधला हो जाता है ; जिसके कारण उसे स्पष्ट दिखाई नहीं देता। यह अंधेपन का कारण भी बन सकता है।

4• रतौंधी(Night Blindness) —> यह रोग पोस्टिक आहार की कमी से होता है। इसमें रोगी को रात में दिखाई नहीं देता।

इसी तरह दिनौंधी भी होता है ; जिसमें रोगी को दिन में दिखाई नहीं देता।

5• डिप्लोपिया(diplopia) —> इसमें रोगी को सभी चीजें डबल दिखाई देती है।

6• वर्णान्धता(colour blindness) —> इसमें रोगी कुछ खास रंगों की पहचान करने में असक्षम होता है।


इन सबके अलावा अन्य रोग,जैसे—>> आंखें आना(Conjunctivitis) ,रेटिना में सूजन(Retinitis) ,आंख की नस का दर्द(Optic Neurotic) ,आंख की नस का सूखना(Opticatrphy) ,आंखों की पलकों की सूजन(Blipheritis) ,आंखों से आंसू सूख जाना(Dry Eyes) ,आंखों से पानी बहना(Watering Eyes) ,आंखों का लकवा/आंखों की ऊपरी पलकों का नीचे गिरना(Ptosis) etc.

आंखों के कुछ सामान्य रोग भी है,जैसे—>> आंखों में सूजन आना,आंखों में दर्द होना,कोई नजर का काम करने पर सर में दर्द होना,आंखों का लाल होना,आंखों के किसी भाग में मांस का उभर आना।


तो आइए जानते हैं कि एक्यूप्रेशर में इनका इलाज कैसे होता है।

एक्यूप्रेशर में किसी भी रोग के इलाज के लिए शरीर के कुछ खास हिस्सों पर एक्यूप्रेशर पॉइंट होते हैं,उन पॉइंट्स को दबाकर हम अपनी सेहत में सुधार ला सकते हैं। प्रत्येक पॉइंट को 3 सेकंड तक और तीन बार प्रेस करना है,जैसा कि नीचे फोटो में दिखाया गया है–

सफेद निशान वाली जगह पर प्रेस करें
सफेद निशान वाली जगह पर प्रेस करें
काले डॉट वाली जगह पर प्रेस करें

प्रेशर उतना ही देना है जितना रोगी सहन कर सके। चित्र में दिखाए गए तरीके से संबंधित क्षेत्र पर प्रेस करें–

इसके अलावा और भी Acupressure point है जैसे दबाकर आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है जैसे हाथ के अंगूठे की पास वाली दोनों उंगलियों को हथेली की साइड से दबाकर।

काले निशान वाली जगह पर प्रेस करने से नजर कमजोर होने के कारण होने वाले सिरदर्द में आरम मिलता है

आज के लिए बस इतना ही आंखों से जोड़ी अन्य बीमारियों के बारे में हम अगली पोस्ट में बताएंगे।

धन्यवाद🙏

Introduction of this Blog

दोस्तों इस ब्लॉग में मैं आपके लिए लेकर आने वाला हूँ कमाल के हैल्थ टिप्स।

दोस्तों इस ब्लॉग में हम आपको आयुर्वेदिक और एक्युप्रेशर के बारे में अपनी नॉलेज आपसे साझा करने वाले है । तो बने रहिए हमारे इस ब्लॉग eccuhealth.fitness पर

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Cooking can sometimes feel like a chore at the end of a busy day. It’s often tempting to throw a ready meal in the oven or call for take out. But preparing a simple and healthy family meal doesn’t have to be hard or time-consuming. Here are some quick wholesome dishes that you and your family will love. They can even be prepared in advance.

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