Hello Guys
आज हम एक ऐसे पौधे का आपसे परिचय करवाने जा रहे हैं जो आपके आस-पास ही पाया जाता है, लेकिन अधिकतर लोग इसका नाम नहीं जानते और न ही इसके फायदों को जानते हैं।

फोटो में दिखाए गए पौधे का नाम घमरा है। इसका वैज्ञानिक नाम—Tridax procumbens है। यह एक खरपतवार है,लेकिन कई सारे औषधीय गुणों से भरपूर है। यह एक वार्षिक पौधा है। अगर यह नमी वाले स्थान पर हो तो साल भर हरा-भरा रहता है। यह पत्तेदार पादप है,जिसकी पत्तियों पर सफेद रंग के छोटे-छोटे बालों जैसी संरचनाएं पाई जाती है। इसके फूल प्राय सफेद रंग के होते हैं।

इस पौधे को घमरा(हिंदी), बिणजारी बूटी(मारवाड़ी), जयंती वेद(संस्कृत) Tridax, Tridax procumbens इत्यादि नामों से जाना जाता है।
यह पौधा झाड़ियों में, सड़कों पर एवं नम जगहों पर देखने को मिलता है। खरपतवार होने के कारण कई बार यह खेतों में भी उग जाता है।

घमरा के उपयोग—
● मुंह के छालों में–> मुंह में छाले होने पर इसके 3-4 पत्तों को 2-3 दिन तक चबाने पर छाले ठीक हो जाते हैं।
● घाव भरने में –> इसके पत्तों का लेप बनाकर घावों जैसे- कटने,छिलने,फोड़ा-फुंसी,जला हुआ आदि पर इस लेप को लगाने सेघाव ठीक हो जाते है।
● कब्ज दूर करने में –> इसका रस कब्ज दूर करने में उपयोगी होता है एवं इसके रस के सेवन से पेट की जलन में भी आराम मिलता है।
● दाद के इलाज में–> इसमें एंटीफंगल गुण होते हैं, जिससे दाद पर इसका लेप लगाने से दाद ठीक होते हैं।
● बालों की समस्याओं में –> घमरा के पत्तों को सरसों के तेल में पका ले। अब इस तेल को दूसरे तेल की जगह इस्तेमाल करें इससे बालों की समस्याओं में लाभ मिलता है।
रासायनिक घटक—–
घमरा में कई सारे रासायनिक घटक मौजूद होते हैं जैसे–अल्कलॉइड्स ,स्टेरॉइड्स ,कैरोटिनॉइड ,फ्लेवोनॉयड्स जैसे- कैटेचिन,सेंटाओरीन और बेरेगेन्स । इसके साथ ही इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं।
तो Guys इसके अलावा भी यह जड़ी बूटी औषधीय गुणों का भंडार है,जिसे हम यहां एक्सप्लेन नहीं कर सकते।
आशा करता हूं यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी ।
धन्यवाद🙏
जय हिंद 🇮🇳